इंटरव्यू में घबराहट कैसे दूर करें: पहले, दौरान और बाद में क्या करें
इंटरव्यू में घबराहट होना सामान्य है, और थोड़ी घबराहट आपको सतर्क भी रखती है। उसे कम करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है तैयारी: अपने उदाहरण पहले से तय करना, एक दिन पहले सारी व्यवस्था पक्की करना और जवाबों को कई बार ज़ोर से बोलना, ताकि इंटरव्यू में कुछ भी पहली बार न लगे।
इंटरव्यू में घबराहट होना बिल्कुल सामान्य है, और थोड़ी घबराहट आपको सतर्क और तैयार भी रखती है। उसे संभालने का सबसे भरोसेमंद तरीका है तैयारी: अपने उदाहरण पहले से तय करना, एक दिन पहले सारी व्यवस्था पक्की करना और जवाबों को कई बार ज़ोर से बोलना, ताकि इंटरव्यू में कुछ भी पहली बार न लगे।
यह गाइड कोई इलाज नहीं बताती, बस वे आम और व्यावहारिक तरीके बताती है जो बहुत-से उम्मीदवार इंटरव्यू से पहले और उसके दौरान इस्तेमाल करते हैं।
इंटरव्यू से पहले घबराहट क्यों होती है, और क्या यह बुरी है?
आप किसी ऐसी चीज़ के सामने हैं जो आपके लिए मायने रखती है, और जिसका नतीजा पूरी तरह आपके हाथ में नहीं है। ऐसे में दिल की धड़कन तेज़ होना, हाथ ठंडे होना या पेट में हलचल होना आम है। फ्रेशर के लिए पहला इंटरव्यू हो या दस साल के अनुभव वाले के लिए बड़ा ऑफ़र, यह एहसास लगभग सबको होता है।
थोड़ी घबराहट आपके काम की भी है: आप ध्यान से सुनते हैं, जवाबों पर सोचते हैं और लापरवाह नहीं होते। मुश्किल तब होती है जब घबराहट इतनी बढ़ जाए कि आप अपनी तैयारी भी ठीक से न दिखा पाएँ। लक्ष्य घबराहट को शून्य करना नहीं, उसे इतना कम करना है कि वह आपके जवाबों पर हावी न हो।
कौन-सी तैयारी सच में घबराहट कम करती है?
डर का बड़ा हिस्सा अनजानी चीज़ों से आता है। जितनी चीज़ें पहले से जानी-पहचानी होंगी, उतना कम डर बचेगा।
- अपनी कहानियाँ तय कीजिए। चार-पाँच असली उदाहरण चुनिए: कोई मुश्किल प्रोजेक्ट, कोई गलती जिससे सीखा, टीम में कोई टकराव, कोई उपलब्धि। ज़्यादातर सवाल इन्हीं में से किसी एक से जवाब हो जाते हैं।
- पहला जवाब पक्का कीजिए। अपने बारे में बताइए लगभग हर इंटरव्यू का पहला सवाल है। अगर शुरुआत अच्छी हो जाए, तो बाकी इंटरव्यू में घबराहट अपने-आप कम हो जाती है।
- एक दिन पहले व्यवस्था। जगह का पता, पहुँचने का रास्ता और समय, या video call का लिंक; कपड़े; resume की प्रिंट कॉपी; ID; इंटरव्यू लेने वाले का नाम और नंबर। ऑफ़िस वाले इंटरव्यू में ट्रैफ़िक के लिए आधा घंटा अलग से रखिए।
- ज़ोर से, कई बार बोलिए। मन में दोहराना और बोलना अलग चीज़ें हैं। हर मुख्य जवाब तीन-चार बार ज़ोर से बोलिए, अलग-अलग दिनों में। जो जवाब आपने कई बार बोला है, वह दबाव में भी निकल आता है, क्योंकि वह अब नया नहीं लगता।
तैयारी की पूरी योजना के लिए इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें वाली गाइड देखिए।
इंटरव्यू वाले दिन सुबह क्या करें?
- हल्का और समय पर खाइए। खाली पेट या बहुत भारी खाना, दोनों से बेचैनी बढ़ सकती है।
- नई तैयारी मत शुरू कीजिए। सुबह सिर्फ़ अपने नोट्स पर एक नज़र डालिए। नए सवाल पढ़ने से लगता है कि अभी बहुत कुछ बाकी है।
- जल्दी निकलिए। 10-15 मिनट पहले पहुँचना आराम देता है; दौड़ते-भागते पहुँचना घबराहट दोगुनी कर देता है। Video interview हो तो 5 मिनट पहले लिंक खोल लीजिए।
- गला खोलिए। रास्ते में या घर पर अपना परिचय एक बार धीरे से बोल लीजिए, ताकि दिन का पहला वाक्य इंटरव्यू में न निकले।
- कोई ऐसी चीज़ कीजिए जो आपको सामान्य महसूस कराए। थोड़ी देर टहलना, कोई गाना सुनना, घर वालों से दो मिनट बात करना।
घबराहट के समय साँस पर ध्यान कैसे दें?
एक आम और सरल तरीका है साँस को धीमा करना, खासकर साँस छोड़ने को। नाक से आराम से साँस लीजिए, लगभग चार तक गिनते हुए, और फिर मुँह से धीरे-धीरे छोड़िए, लगभग छह तक गिनते हुए। इसे इंटरव्यू से पहले वेटिंग एरिया में या लिंक खोलने से पहले तीन-चार बार दोहराइए।
यह कोई चिकित्सा सलाह नहीं है, बस एक आम तरीका है जिसे बहुत-से लोग बोलने से पहले खुद को शांत करने के लिए अपनाते हैं। इंटरव्यू के बीच भी, सवाल सुनने के बाद एक धीमी साँस लेना आपको जवाब शुरू करने से पहले एक पल देता है।
जवाब देते-देते दिमाग़ खाली हो जाए तो क्या करें?
यह लगभग हर किसी के साथ कभी न कभी होता है। घबराइए नहीं, इसके लिए कुछ वाक्य पहले से तैयार रखिए:
- रुकिए। दो-तीन सेकंड की चुप्पी आपको जितनी लंबी लगती है, सामने वाले को उतनी नहीं लगती।
- सवाल दोहराइए। "आप यह जानना चाहते हैं कि मैंने उस प्रोजेक्ट की deadline कैसे संभाली, सही?" इससे आपको सोचने का समय मिलता है।
- एक पल माँगिए। "क्या मैं एक पल सोच लूँ?" कहना बिल्कुल पेशेवर है।
- बाद में लौटिए। अगर फिर भी कुछ न सूझे: "मैं इस पर थोड़ा सोचकर बाद में लौटूँ?" और इंटरव्यू के आखिर में सच में लौटिए।
एक काल्पनिक उदाहरण: अमन, लखनऊ से एक सेल्स एग्ज़ीक्यूटिव, से पूछा गया कि उन्होंने किसी नाराज़ क्लाइंट को कैसे संभाला। एक पल को कुछ याद नहीं आया। उन्होंने कहा, "एक सेकंड, मैं सही उदाहरण चुन रहा हूँ।" फिर उन्होंने अपनी तैयार की हुई कहानियों की सूची मन में दोहराई और एक उदाहरण पकड़ लिया। इंटरव्यू लेने वाले के लिए यह बस एक सोचा-समझा pause था।
आवाज़ काँपे या आप बहुत तेज़ बोलने लगें तो?
- पहला वाक्य धीमा रखिए। शुरुआत की रफ़्तार अक्सर पूरे जवाब की रफ़्तार तय करती है।
- छोटे वाक्य बोलिए। लंबे वाक्यों में साँस टूटती है और आवाज़ काँपती है।
- हर point के बाद रुकिए। एक बात खत्म, छोटा pause, फिर अगली बात।
- पानी पास रखिए। गला सूखे तो एक घूँट लेना पूरी तरह सामान्य है।
- आवाज़ थोड़ी काँप भी जाए तो बोलते रहिए। सामने वाला अक्सर इसे उतना नोटिस नहीं करता जितना आप सोचते हैं, और कुछ वाक्यों में आवाज़ खुद स्थिर हो जाती है।
इंटरव्यू को परीक्षा नहीं, बातचीत की तरह कैसे देखें?
भारत में बहुत-से लोग इंटरव्यू को viva की तरह देखते हैं: सामने बैठा व्यक्ति सवाल पूछेगा और आपको "सही" जवाब देना है। असल में यह दोनों तरफ़ की बातचीत है। कंपनी देख रही है कि आप रोल के लिए ठीक हैं या नहीं, और आप देख रहे हैं कि यह टीम और काम आपके लिए ठीक है या नहीं।
इस नज़रिए से दो फ़ायदे होते हैं। पहला, आप इंटरव्यू लेने वाले को परीक्षक नहीं, एक सहकर्मी की तरह देखने लगते हैं। दूसरा, आप भी सवाल पूछते हैं, जिससे बातचीत बराबरी की लगती है। HR राउंड और मैनेजर राउंड में बातचीत का स्वर अलग होता है, उसकी जानकारी HR राउंड और मैनेजर राउंड में अंतर में है।
इंटरव्यू के बाद बार-बार सोचना कैसे रोकें?
इंटरव्यू के बाद हर जवाब को दिमाग़ में दोबारा चलाना आम है, पर इससे कुछ बदलता नहीं। इसकी जगह यह कीजिए:
- उसी दिन 10 मिनट में तीन बातें लिखिए: कौन-से सवाल आए, क्या अच्छा गया, अगली बार क्या सुधारना है।
- सुधार वाली बात को अगली तैयारी में जोड़िए, और फिर उस इंटरव्यू को छोड़ दीजिए।
- नतीजे का इंतज़ार करते हुए दूसरी applications जारी रखिए, ताकि एक ही इंटरव्यू पर सब कुछ टिका हुआ न लगे।
अगर घबराहट बहुत तेज़ है, लंबे समय से बनी हुई है या रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल रही है, तो किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना अच्छा कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इंटरव्यू लेने वाले को बता दूँ कि मैं nervous हूँ?
एक हल्की लाइन में बता सकते हैं, जैसे "माफ़ कीजिए, यह रोल मेरे लिए बहुत मायने रखता है, इसलिए थोड़ा nervous हूँ।" ज़्यादातर इंटरव्यू लेने वाले इसे समझते हैं और माहौल थोड़ा आसान कर देते हैं। बस इसे बार-बार मत दोहराइए और फिर सीधे जवाब पर आ जाइए।
अंग्रेज़ी में इंटरव्यू हो तो घबराहट ज़्यादा होती है, क्या करूँ?
अपने पाँच-छह मुख्य जवाब अंग्रेज़ी में अलग से बोलकर अभ्यास कीजिए, क्योंकि दिमाग़ में अनुवाद करते-करते ही अटकन आती है। छोटे और सीधे वाक्य चुनिए। कोई शब्द न मिले तो उसे आसान शब्दों में समझा दीजिए; इंटरव्यू लेने वाला भारी शब्द नहीं, साफ़ बात सुनना चाहता है।
पिछले इंटरव्यू में बुरा अनुभव हुआ था, उसका डर कैसे निकालें?
उस इंटरव्यू में ठीक-ठीक क्या गड़बड़ हुआ था, उसे एक-दो बातों में लिखिए, जैसे कोई सवाल जिसका जवाब तैयार नहीं था। फिर इस बार उसी हिस्से की तैयारी पर ध्यान दीजिए। एक खराब इंटरव्यू अगले इंटरव्यू का नतीजा तय नहीं करता, पर उससे आपको पता चलता है कि कहाँ अभ्यास बढ़ाना है।
Group discussion या panel interview में घबराहट हो तो?
Panel में हर सदस्य को देखिए, पर जवाब देते समय ज़्यादा नज़र उस पर रखिए जिसने सवाल पूछा। Group discussion में पहले बोलने की होड़ मत कीजिए; एक साफ़, सोचा हुआ point रखना दस अधूरे points से बेहतर है।
हर इंटरव्यू से पहले नींद नहीं आती, क्या करूँ?
रात से पहले ही सारी तैयारी और व्यवस्था खत्म कर दीजिए, ताकि सोते समय दिमाग़ में कोई अधूरा काम न घूमे। देर रात तक नए सवाल पढ़ने से बचिए। अगर नींद या बेचैनी की दिक्कत लंबे समय से है और इंटरव्यू के अलावा भी रहती है, तो डॉक्टर या किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना ठीक रहेगा।
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